अटकी है 370 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता,  30 सितंबर एडमिशन की अंतिम तारीख

भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया तीन महीने से अटकी हुई है। भोपाल सहित प्रदेशभर में प्रस्तावित कॉलेजों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल इंस्पेक्शन) अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस कारण 2025-26 का अकादमिक सत्र अधर में है और काउंसलिंग की तारीख तय नहीं हो पा रही। यह स्थिति तब है जब इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की है। प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट और जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी ट्रेनिंग सिलेक्शन टेस्ट का रिजल्ट आए दो महीने हो चुके हैं, पर छात्रों में काउंसलिंग को लेकर असमंजस है।

बता दें कि मप्र में 370 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता नवीनीकरण होना है। तथा 33 नए नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी जानी है, जिनके लिए भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट लगाना अनिवार्य है। दरअसल, कलेक्टर कार्यालय ने 21 जुलाई को संबंधित एसडीएम को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद 4 अगस्त को संशोधित आदेश और स्मरण पत्र भेजा गया। लेकिन रिपोर्ट न आने पर कलेक्टर को दूसरी बार सख्त चेतावनी देनी पड़ी। आदेश में साफ लिखा गया है कि देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा। मामला अब प्रमुख सचिव तक पहुंच चुका है और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसे टीएल सूची में दर्ज कर लिया है।

दूसरे राज्यों में पढ़ाई के लिये जा रहे छात्र
इधर, विद्यार्थियों ने दूसरे कोर्स में एडमिशन लेना शुरू कर दिया है, कुछ छात्र मप्र के बाहर भी नर्सिंग कोर्स करने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 30 सितंबर तक काउंसलिंग शुरू नहीं हुई, तो पूरा सत्र गड़बड़ा जायेगा। प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट और जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी ट्रेनिंग सिलेक्शन टेस्ट का आयोजन 24 से 27 जून 2025 तक हुआ था। इसमें 78,157 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए, जिनमें से 60,707 उपस्थित हुए।

छात्र हो रहे हैं परेशान
छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों तैयारी कर परीक्षा दी, अब रिजल्ट आने के बावजूद एडमिशन नहीं हो पा रहा है। हर दिन काउंसलिंग को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। मान्यता और काउंसलिंग में देरी से छात्रों का नुकसान हो रहा है।