February 17, 2026

सुबह का अलार्म बढ़ा सकता है आपके दिल की धडक़नें!

वॉशिंगटन। सुबह के समय अलार्म की तेज आवाज से नींद टूटते ही शरीर अचानक चौंक जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ जाता है। यह स्थिति न केवल दिल के लिए खतरनाक है, बल्कि ब्रेन स्ट्रोक का भी बड़ा कारण बन सकती है। यह खुलासा हाल ही में अमेरिका के वर्जीनिया यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में हुआ है। इस स्टडी में 32 लोगों को शामिल किया गया था। पहले दिन प्रतिभागियों को बिना अलार्म के प्राकृतिक रूप से जागने दिया गया, जबकि दूसरे दिन उन्हें अलार्म से उठाया गया। नतीजों ने शोधकर्ताओं को भी हैरान कर दिया। अलार्म से उठने वाले लोगों का ब्लड प्रेशर, बिना अलार्म उठने वालों की तुलना में लगभग 74 प्रतिशत ज्यादा पाया गया। यह अचानक वृद्धि दिल और दिमाग पर गहरा दबाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब अलार्म बजता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनलिन तेजी से रिलीज होते हैं। ये हार्मोन दिल की धडक़न को असामान्य रूप से बढ़ा देते हैं और रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देते हैं। नतीजतन, ब्लड प्रेशर तेजी से ऊपर चला जाता है। अगर व्यक्ति पहले से ही हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहा हो, तो यह स्थिति उसके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।

इस स्टडी के बाद विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर अलार्म का इस्तेमाल करना ही पड़े, तो उसकी आवाज तेज और कर्कश नहीं होनी चाहिए। नरम और सुकून देने वाली धुनें जैसे बांसुरी, पियानो, पक्षियों की चहचहाहट, बारिश की आवाज या बहते पानी की ध्वनि शरीर को धीरे-धीरे जगाने में मदद करती हैं। इससे अचानक तनाव नहीं बढ़ता और ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बिना अलार्म के उठने की आदत सबसे सुरक्षित विकल्प है। इसके लिए रोजाना एक ही समय पर सोना और उठना जरूरी है ताकि शरीर की नींद-जागने का प्राकृतिक चक्र (स्लीप-वेक साइकिल) संतुलित बना रहे।

इसके अलावा, सुबह के समय कमरे में प्राकृतिक रोशनी आने देना भी दिमाग को धीरे-धीरे जागने का संकेत देता है। हर रात 7 से 9 घंटे की पर्याप्त नींद लेना जरूरी है ताकि शरीर पूरी तरह से रिचार्ज हो सके। साथ ही, अलार्म बजने पर स्नूज़ बटन का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे नींद बार-बार टूटती है और दिनभर सुस्ती बनी रहती है। कुल मिलाकर, अलार्म की तेज आवाज से उठना भले ही हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका हो, लेकिन यह सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।