भोपाल। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में कमजोर पड़ी कांग्रेस में नई जान फूंकने के लिये कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संगठन सृजन अभियान के साथ नेताओं-पदाधिकारियों के प्रशिक्षण पर अब पूरा जोर है। मांडू में कांग्रेस विधायकों को प्रशिक्षित करने के बाद अब उनकी निगाह 71 जिलों में बनाए गए अध्यक्षों पर है।
जानकारी के मुताबिक माण्डू में हुए विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग के बाद अब अखिल भारतीय कमेटी कमेटी (एआईसीसी) पचमढ़ी में जिलाध्यक्षों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाने जा रही है। ये प्रशिक्षण शिविर इसी सितम्बर महीने के आखिर में आयोजित किया जायेगा। प्रशिक्षण शिविर में वर्चुअली राहुल गांधी भी जुड़ सकते हैं। कोशिश होगी कि जिलाध्यक्ष को धुरी बनाकर पूरी कांग्रेस को बूथ स्तर से दोबारा खड़ा किया जाए। संगठन के सृजन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बनाए गए जिलाध्यक्षों को इस शिविर में उनकी ताकत बताने के साथ कैसे कार्यकर्ताओं को जोडऩा है, कैसे पार्टी को मजबूत करना है, अलग-अलग सत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में जिलाध्यक्षों का कार्यकर्ताओं से संवाद, आचार व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
हर विषय पर प्रशिक्षण दिया जायेगा
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस संगठन की मजबूती के साथ बूथ की ताकत और कार्यकर्ताओं से व्यवहार हर विषय को प्रशिक्षण का जिला अध्यक्षों को दिया जाएगा। इसके अलावा सोशल मीडिया के इस्तेमाल की ट्रेनिंग के अलावा कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने उनसे कैसा बर्ताव हो। कार्यकर्ता से लेकर पार्टी के दिग्गज नेताओं तक समन्वय कैसे बिठाना है, का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान की शुरुआत में ही ये साफ कर दिया था कि जिलाध्यक्ष ही अब कांग्रेस की सबसे मजबूत कड़ी होंगे। जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस से संवाद कर सकेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि राहुल गांधी पहले ही ये स्पष्ट कर चुके हैं कि जिलाध्यक्षों की भूमिका अब पार्टी में सबसे अहम रहेगी। चुनाव में दावेदारों के चयन प्रक्रिया में भी इनकी भूमिका रहेगी। इनके माध्यम से ही पार्टी में समन्वय होगा।

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