वाशिंगटन। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका फिलहाल मंदी के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जारी दबाव कोविड महामारी से भी ज्यादा दिखाई दे रहा है। अगर जल्दी इसका कोई समाधान नहीं खोजा गया तो अमेरिका में सबसे ज्यादा नौकरियों पर दिखेगा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाकर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनका यह दांव उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है।
मूडीज के चीफ इकनॉमिस्ट मार्क जैंडी ने कहा कि राज्य स्तरीय आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह साफ दिख रहा है कि अमेरिका एक बार फिर मंदी के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इकनॉमी में 33 फीसदी की भूमिका निभाने वाले राज्यों की हालत खराब है। इसमें से कई राज्य मंदी की चपेट में आ चुके हैं, तो कुछ मंदी के मुहाने पर खड़े हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक बार फिर मंदी की चपेट में आने वाली है। इससे पहले साल 2008 में भी मंदी की शुरुआत अमेरिका से ही हुई थी। तब भी जैंडी ने ही सबसे पहले मंदी का अनुमान लगाया था। जैंडी ने ही साल 2008 की महामंदी की सबसे पहले भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा कि आंकड़ों में फिलहाल कोविड-19 महामारी से भी ज्यादा बुरा असर दिख रहा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में राज्यों की भागीदारी एक तिहाई से भी ज्यादा है और आंकड़े बताते हैं कि उनका उत्पादन या तो घटना शुरू हो गया है अथवा गिरावट की कगार पर है।
बता दें कि अमेरिका में महंगाई दर अभी 2.7 फीसदी के आसपास है, जो 4 फीसदी तक जा सकती है। इससे कंज्यूमर की पर्चेजिंग पॉवर पर असर पड़ेगा। जॉब मार्केट के आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2020 यानी कोविड महामारी के बाद यह पहला ऐसा अवसर है, जब 3 महीने के आंकड़े सबसे सुस्त दिखे हैं। साल 2025 में हर महीने जॉब का औसत आंकड़ा 85 हजार के आसपास है, जो कोरोनाकाल में भी 1.75 लाख के करीब था। इससे पता चलता है कि हालात अभी कोविड महामारी से भी बुरे दौर में हैं।
चीजों के दाम बढ़ेंगे, नौकरियों पर संकट आएगा
जैंडी ने कहा कि इस बार मंदी अमेरिकी नागरिकों पर दोहरा संकट लेकर आएगी। एक तो महंगाई बढऩे की वजह से उनकी जरूरत की चीजों के दाम बढ़ जाएंगे और दूसरा नौकरियों पर संकट पैदा होगा। जाहिर है कि कमाई घटने और खर्चे बढऩे की वजह से अमेरिकी नागरिकों पर संकट गहरा जाएगा। इन दोनों ही संकटों को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। कीमतें अभी से बढऩी शुरू हो गई हैं और आम आदमी पर इसका असर दिखना भी शुरू हो गया है। आगे इसकी डिग्री कितनी होगी, इस पर नजर रखनी होगी। जैंडी ने बताया कि अमेरिका के कई राज्य अभी मंदी की चपेट में हैं। कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों पर भी इस मंदी का असर दिख रहा है। इसके अलावा जिन राज्यों मंदी के संकेत दिखने लगे हैं, उनमें व्योमिंग, मोंटाना, मिनेसोटा, मिसिसिपी, कंसास और मैसाच्यूसेट्स शामिल हैं। इतना ही नहीं वॉशिंगटन डीसी जैसे सबसे अमीर राज्यों पर भी इस मंदी का असर दिख रहा है।

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