February 26, 2026

टैरिफ को लेकर कोर्ट फैसले से दुखी हुए ट्रंप बोले, तो अमेरिका बर्वाद हो जाएगा

वॉशिंगटन। टैरिफ को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उनके अपने ही देश अमेरिका में विरोध हो रहा है। भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर दायर एक याचिका पर स्थानीय अदालत ने ट्रंप की आलोचना की है और कहा है कि उन्होंने शक्तियों को दुरुपयोग किया है। उधर इस फैसले से दुखी होकर ट्रंप ने कहा कि टैरिफ नहीं लगाएंगे तो अमेरिका बर्वाद हो जाएगा। बहरहाल, डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर दुख जताया है। उन्होंने इसे ‘अत्यधिक पक्षपातपूर्ण’ अदालत बताया, और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘अगर ये टैरिफ कभी हटा दिए गए, तो यह देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा।’ फिर भी उन्होंने फैसले को पलटने की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टैरिफ सुप्रीम कोर्ट की मदद से देश के लिए फायदेमंद होंगे।

अदालत ने कहा, कानून राष्ट्रपति ट्रंप को आपातकालीन स्थिति में कई कदम उठाने की शक्ति देता है, लेकिन इसमें कहीं भी टैरिफ या टैक्स लगाने की शक्ति का ज़िक्र नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। हालांकि इस कानून के तहत लगाए गए टैरिफ इस मुकदमे का हिस्सा नहीं थे। वॉशिंगटन डीसी स्थित संघीय सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स का यह फैसला दो सेट के टैरिफ पर लागू होता है। एक तो अप्रैल में शुरू की गई रिसिप्रोकल टैरिफ और दूसरा फरवरी में चीन, कनाडा और मैक्सिको पर लगाए गए टैरिफ पर। यह फैसला स्टील और एल्युमिनियम आयात पर ट्रंप द्वारा अलग-अलग कानूनों के तहत लगाए गए टैरिफ को प्रभावित नहीं करता।

हालांकि, अदालत ने ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का मौका देने के लिए टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रहने दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी शुरू होने वाली है। इससे इस साल ट्रंप की पूरी आर्थिक नीति पर एक अभूतपूर्व कानूनी टकराव की स्थिति बन गई है।