भोपाल। भोपाल की मध्य विधानसभा से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर उनके इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में फर्जीवाड़े को लेकर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। उनके कॉलेज की मान्यता के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर विधायक मसूद पर एफआईआर दर्ज करने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है।
एसआईटी फर्जी दस्तावेजों के जरिए विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता के मामले में जांच करेगी। हाईकोर्ट की डबल बेंच के निर्देश के बाद डीजपी कैलाश मकवाना ने एसआईटी का गठन संजीव शमी एडीजी (टेलीकॉम) के नेतृत्व में किया गया है जिसमें डी. कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज और निमिशा पांडे एआईजी (प्रशिक्षण) पीएचक्यू भोपाल को शामिल किया गया है। एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व मे बनाई गई एसआईटी जाली दस्तावेजों के माध्यम से विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता के मामले की जांच करेगी।
बता देें कि कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद पर जो मामला दर्ज किया गया है वो काॉलेज को मान्यता दिलाने से जुड़ा है। इसमे ये कहा गया है कि उन्होंने अपने कॉलेज को मान्यता दिलवाने में फर्जी कागजात दिलवाए थे। जबलपुर हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद भोपाल की एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित का कहना है कि, कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसके मुताबिक ही ये कार्रवाई की गई है, विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिस कॉलेज के मामले में आरिफ मसूद पर एफआईआर हुई है इस इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता भी रद्द हो चुकी है और नए दाखिले भी रोक दिए गए हैं। इस पूरे मामले की जांच अब एसआईटी को सौंप दी गई। 90 दिन का समय जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया गया है। मसूद इस कॉलेज में सचिव हैं।

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