देश में तख्तापलट करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
ब्राजीलिया। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जैयर बोलसोनारो को सुप्रीम कोर्ट ने नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करने का आदेश दिया है। उन पर देश में तख्तापलट करने की साजिश रचने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ब्राजील के बीच ट्रेड वॉर तेज हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने यह आदेश दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो ने पिछले महीने सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगे बैन का उल्लंघन किया। वे अपने तीन सांसद बेटों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए खबरें पोस्ट कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने रियो डी जेनेरियो में अपने समर्थकों को भी संबोधित किया जो नियमों के खिलाफ था।
सुप्रीम कोर्ट के नजरबंद करने के आदेश के बाद पुलिस बोलसोनारो के घर पहुंची। पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया है। उन्हें अब कहीं आने-जाने की इजाजत नहीं है। बोलसोनारो के साथ-साथ उनके 33 सहयोगियों पर भी सरकार नजर रखी है। इन सभी पर लोकतंत्र को खत्म करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप है। इस मामले पर अमेरिका भी नजर रख रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जस्टिस के फैसले की निंदा की है। इस बीच बोलसोनारो की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनिटर पहनने का भी आदेश दिया, जिससे उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

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