निरंकारी श्रद्धालुओं द्वारा समर्पण दिवस पर बाबा हरदेव सिंह जी को श्रद्धा सुमन अर्पित

समर्पण केवल शब्दों में नहीं, जीवन के हर कर्म में झलकना चाहिए –सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज
जबलपुर. सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज एवं सत्कार योग्य निरंकारी राजपिता रमित जी की असीम कृपा से जबलपुर गोलबाजार सत्संग भवन में साय 6:30 से 09 बजे तक युगद्रष्टा बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की पुण्य स्मृति में महात्मा राजीव पाण्डे जी सतना के सानिध्य में विशाल समर्पण दिवस के रूप में संत समागम का आयोजन किया गया l
आपजी ने सैकड़ों भक्तों को संबोधित करते हुये कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने 36 वर्षों तक निरंकारी मिशन की बागडोर संभाली आप प्रेम व करुणा की सजीव मूरत थे, उन्होने अपनी सादगी व दिव्य मुस्कुराहट से न केवल भक्तों को निहाल कियाअपितु समस्त मानव जाति को कल्याण का मार्ग अपनाकर एक सार्थक एवं संतुष्ट जीवन जीने की कला सिखाई आपने आध्यात्मिक जागरूकता के अतिरिक्त समाज कल्याण की गतिविधियों में भी सकारात्मक योगदान दिया जैसे रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वस्थ जांच शिविर, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा जैंसी परियोजना अहम हैं l संत निरंकारी मिशन द्वारा समर्पण दिवस का आयोजन सम्पूर्ण निरंकारी जगत् में किया गया l
सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के सनिध्य में युगद्रष्टा बाबा हरदेव सिंह जी कि पुण्य स्मृति में भावनात्मक वर्चुअल संत समागम का आयोजन किया गया जहां देश- विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “ सतगुरू बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का जीवन हर क्षण प्रेम त्याग सेवा और शिक्षाओं से परिपूर्ण था ऐसा ही भक्ति वाला जीवन हम सभी का हो, ये समर्पण केवल शब्दों तक सीमित न रहे व्यवहार में उतरे l”
आपजी ने कहा कि सच्चा प्रेम केवल वाणी से नहीं कर्मों से प्रकट हो l समर्पण केवल एक तिथि नहीं बल्कि अवसर है यह सोचने का कि क्या हम वाक्यई अपने जीवन को शिक्षाओं से जोड़ पाए ? प्रेम एकता, नम्रता हम अपने भीतर बसाकर ही इस दिवस को सार्थक बना सकते हैं l
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विचार, गीत कविता और भजनों के माध्यम से बाबा जी की करुणा, प्रेम, समर्पण की गूंज को जीवंत किया l नि:संदेह बाबा हरदेव सिंह जी महाराज कि छबि हर श्रद्धालु के अंर्तमन में एक अमिट स्मृति बन चुकि है l
आज सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने बाबा जी कि शिक्षाओं को आगे बढ़ाते हुए ब्रम्हज्ञान कि ज्योति से मानवता को आलौकित कर रहे हैं l