नई दिल्ली
लोकसभा से निलंबित कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद अधीर रंजन चौधरी बुधवार (30 अगस्त) को विशेषाधिकार समिति के सामने अपना बयान दर्ज कराएंगे। उनको दोपहर आज 12.30 बजे संसदीय पैनल के सामने पेश होना है। मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अधीर रंजन के संसद में बुरे व्यवहार का हवाला देकर उनके निलंबन की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया था।
दरअसल, अधीर रंजन चौधरी पर आरोप लगाया गया था कि मानसून सत्र के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री संसद को संबोधित कर रहे थे तो उन्होंने बुरा आचरण किया था। केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नामंजूर होते ही सरकार ने अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव पेश किया था, जो निचले सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया था।
अधीर रंजन पर ये हैं आरोप
लोकसभा अध्यक्ष ने अधीर रंजन चौधरी के निलंबन को फिलहाल तब तक जारी रखने का फैसला लिया है। जब तक लोकसभा की विशेषाधिकार समिति उनके मामले की जांच करके रिपोर्ट सदन को नहीं दे देती है, तब तक निलंबन जारी रहेगा। रंजन के खिलाफ यह कार्रवाई सदन में उनके गलत आचरण, देश की छवि को गलत तरीके से पेश करने और सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान डालने के आरोपों के आधार पर की गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की थी घोषणा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सदन से अधीर रंजन चौधरी को निलंबित करने की घोषणा कर दी। आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चौधरी ने सदन में पीएम सहित सरकार के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। हालांकि, सरकार की आपत्ति के बाद इनमें से कई अंशों को तुरंत ही कार्यवाही से हटा दिया गया।
बता दें कि संसदीय पैनल अधीर रंजन के निलंबन के संबंध में उनके बयान की जांच करेगा और समिति के अध्यक्ष के जरिए सदन को एक रिपोर्ट सौंपेगा। झारखंड से बीजेपी सांसद सुनील सिंह विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं।

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