बेमेतरा
शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं. लेकिन साजा ब्लॉक के ग्राम संबलपुर में एक ऐसा शिक्षक भी है, जो विगत एक साल से स्कूल केवल हस्ताक्षर करने आता है, और चला जाता है. जब स्कूल आता है तब शराब के नशे में चूर रहता है. उच्चाधिकारियों को इन सब बातों की जानकारी होने के बाद भी शिक्षक के खिलाफ आज पर्यंत तक कार्रवाई नहीं हुई है.
स्कूल प्रबंध के समिति के अध्यक्ष अनिल बंजारे ने बताया कि हमारे बच्चों के लिए एक मात्र शासकीय प्राथमिक शाला है, जहां 125 बच्चे पहली से पांचवी तक की पढ़ाई करते हैं. सालभर पहले प्रधान पाठक रोशन राजपूत स्थानांतरित होकर यहां आए हैं, और जब से आए हैं, उनका रवैया ऐसा ही है. जब भी स्कूल पहुंचते हैं, तब वे शराब के नशे में चूर रहते हैं.
उन्होंने बताया कि प्रधान पाठक शराब के नशे में चूर रहने के अलावा बच्चों के साथ मारपीट और अपने ही साथी शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार तक करते हैं. इस संबंध में अनेकों बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई शून्य है. विभाग के अधिकारी हालात से परिचित हैं, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई करने से गुरेज कर रहे हैं.

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