सुखी और समृद्धि जीवन जीने के लिए लोग देवी देवताओं की पूजा अर्चना करते हैं. सुख समृद्धि के लिए देवी देवताओं के साथ ही अपने पितरों का आशीर्वाद पाना भी बहुत जरूरी है. हिंदू धर्म में पितरों के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए उनका श्राद्ध किया जाता है. मान्यता के अनुसार ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद तो प्राप्त होता ही है, साथ ही देवी-देवताओं की कृपा भी बनी रहती है. कई बार देखने में आया है कि बहुत से लोगों को अपने जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हिंदू धर्म ग्रंथों में कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं जिनसे पता चलता है कि आपके पितृ आपसे नाराज है. पितरों के नाराज होने पर घर में क्या-क्या घटनाएं होती हैं और पित्र दोष से कैसे बचा जा सकता है.
-संतान प्राप्ति में परेशानी
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति नहीं हो रही है, या संतान प्राप्ति की कोशिश बार-बार विफल हो रही है. तो यह पितृ दोष के कारण हो सकता है. यदि आपके ऊपर पितृ दोष है, और संतान प्राप्ति हो भी जाए, तो भी वह आपकी घोर विरोधी होगी और आप हमेशा संतान से दुःख ही पाएंगे.
-बने बनाए काम का बिगड़ जाना
यदि आपके बने बनाए काम अचानक से बेवजह ही बिगड़ जाते हैं, या बार-बार काम में रुकावट आ रही है. तो यह इशारा करता है, कि आपके पितृ आपसे नाराज हैं, और आपको पितृदोष लगा हुआ है. ऐसे में आप तुरंत पितृदोष के उपाय करें.
-बेवजह का लड़ाई-झगड़ा
यदि आपकी अपने घर में किसी से नहीं बन रही है, और बात बात पर लड़ाई झगड़ा होता है. तो यह भी पितृदोष का कारण हो सकता है. ऐसे में आपको ज्योतिष के बताए गए उपायों को करना चाहिए. इससे आपके पितृ शांत होंगे.
-विवाह में रुकावट
यदि बहुत कोशिशों के बाद भी विवाह नहीं हो पा रहा या सगाई टूट जाती है, तो यह भी पितृदोष का कारण होता है.
-अचानक धन हानि
व्यापार व्यवसाय या नौकरी में अचानक से कोई बड़ा नुकसान हो या फिर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही हो, तो यह भी पितृदोष के कारण माना जाता है.

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