राजनंदगांव
विज्ञान के क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा सिरमौर बन गया है देश के लोग चंद्रयान 3 के अपनी कक्षा में उतरने पर गौरवित महसूस कर रहे हैं 1.412अरब से ज्यादा की जनसंख्या वाले हमारे भारत में वह कर दिखाया जिसका डंका विश्व में बज रहा है चंद्रयान-3 के चंद्रमा में पहुंचने पर और उसके 14 दिन लगातार कक्षा में रहकर वह सारे काम करना है जिससे आने वाले समय में चंद्रमा से देश के विकास में एक नई दिशा तय होगी चाहे खनिज के क्षेत्र में हो चाहे भूविज्ञान के क्षेत्र में हर तरफ इससे विकास को बल मिलेगा इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 के लिए जो मेहनत की उसके लिए निश्चित थी भारत के तमाम लोग उन वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दे रहे हैं।
इसी विषय को लेकर विधि महाविद्यालय राजनंदगांव में भी प्राचार्य डॉक्टर अलका चौहान के दिशा निर्देशन पर चंद्रयान 3 पर एक सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें विधि के छात्रों ने चंद्रयान-3 की सफलता और उसके महत्व को लेकर पोस्टर तैयार कराया गया था विधि विद्यालय के छात्रों ने इसमें बढ़कर हिस्सा लिया और इसमें विधि महाविद्यालय के प्रथम वर्ष से विधि के फाइनल ईयर के छात्रों ने भी इसमें अपने हिस्सेदारी और सेमिनार के माध्यम से उन्होंने पोस्ट तो बने ही उसकी उपयोगिता को लेकर भी उन्होंने अपने विचार भी व्यक्त किए कार्यक्रम का सफल संचालन प्राचार्य अलका चौहान के निर्देशन पर अधिवक्ता आदित्य श्रीवास्तव अधिवक्ता मैडम चांदनी गुप्ता और अधिवक्ता अतुल सोनी सर के साथ विद्यालय के समस्त स्टॉफ और विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है।

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