नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) आर. वेंकटरमणि से कहा कि वह एक लेक्चरर को निलंबित करने के जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल प्रशासन के फैसले पर गौर करें। उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ संविधान पीठ के समक्ष की थी।
इस मामले का उल्लेख सीजेआई डी.वाई. के समक्ष किया गया। चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली संविधान पीठ में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई की।'' सिब्बल ने कहा, वरिष्ठ व्याख्याता जहूर अहमद भट को 23 अगस्त को अदालत में पेश होने के तुरंत बाद निलंबित कर दिया गया।
इस पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ''श्रीमान. अटार्नी, जरा देखिए मि. सिब्बल क्या कह रहे हैं। उपराज्यपाल से बात करें, अगर इसके अलावा कुछ है, तो वह अलग है।'
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को दिए गए दर्जे को रद्द करने की केंद्र की कार्रवाई का बचाव कर रहे हैं, ने कहा कि यूटी प्रशासन लेक्चर के निलंबन से संबंधित आदेश शीर्ष अदालत के समक्ष रख सकता है।
मेहता ने कहा, “अखबार में जो बताया गया है, वह पूरा सच नहीं हो सकता है। अन्य मुद्दे भी हैं, हम इसे आपके आधिपत्य के समक्ष रख सकते हैं, हम इस पर गौर करेंगे।”
गौरतलब है कि श्रीनगर के जवाहर नगर में सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ व्याख्याता जहूर अहमद भट को जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा विनियम, जम्मू-कश्मीर सरकार कर्मचारी (आचरण) नियम, 1971 और जम्मू-कश्मीर अवकाश नियमों के प्रावधानों के कथित उल्लंघन के लिएनिलंबित कर दिया गया था।

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