कांकेर/भानुप्रतापपुर।
जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के डोंगरकट्टा गांव के पास जंगल में बीते दिनों पिता-पुत्र को जान से मारने वाले नर भालू का शव वन विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी पर बरामद किया है। मृत भालू की उम्र लगभग 6 वर्ष बताई जा रही है, जिसके शव को वन अमले ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भालू की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हो पाएगा।
जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार 18 जनवरी को डोंगरकट्टा गांव के पास जंगल में तीन लोग लकड़ी काटने के लिए गए थे। इस दौरान एक खूंखार भालू ने एक युवक पर हमला कर दिया। भालू को हमला करते देख वहां मौजूद पिता-पुत्र उसे बचाने के लिए पहुंचे। जब भालू ने दोनों को अपने पास आते देखा तो दोनों पर हमला कर दिया। भालू के हमले में शंकर दर्रो और उसके बेटे सुकलाल दर्रो की मौत हो गई। जबकि घायल युवक किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भागा और गांव में जाकर हमले की जानकारी दी। उसके बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी वन विभाग की टीम को दी। ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम मृतकों का शव लेने जंगल पहुंची थी। टीम जैसे ही जंगल पहुंची, वहां भालू ने फिर से हमला कर दिया। इस दौरान लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता राजकुमार दूबे बाल-बाल बच गए, जबकि भालू के हमले में डेप्युटी रेंजर नारायण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना स्थल से 200 मीटर दूरी पर मिला शव –
गौरतलब है कि शनिवार 18 जनवरी को भालू ने जिस जगह पर पिता-पुत्र और डेप्युटी रेंजर पर हमला किया था, उससे 200 मीटर की दूरी पर आज उसका शव मिला। दरअसल, हमले के बाद से वन विभाग की टीम लगातार भालू की लोकेशन का पता लगा रही थी। आज जब वन विभाग की टीम घटना स्थल के पास पहुंची, तो उन्होंने भालू के शव को देखा। इसके बाद शव को बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

More Stories
विष्णु देव की सरकार में महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान
महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
CG में 1 सितंबर से बिजली कनेक्शनों की eKYC शुरू, आधार और बिल में नाम मिलान अनिवार्य