नई दिल्ली
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि अगर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लेते हैं तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। हालांकि उनका कहना है कि अगर रोहित को सिडनी में फेयरवेल टेस्ट खेलने का मौका मिलता है तो उन्हें बिना किसी बोझ के खेलना चाहिए क्योंकि दांव पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी लगी है। बता दें, एक दशक से भारत बीजीटी ट्रॉफी नहीं हारा है, मगर इस सीरीज में टीम इंडिया 1-2 से पिछड़ रही है। अगर सिडनी में टीम इंडिया जीत दर्ज करती है तो सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो जाएगी और ट्रॉफी भारत के पास ही बरकराररहेगी।
शास्त्री की यह बयान तब आया जब गौतम गंभीर ने सिडनी टेस्ट में रोहित शर्मा के खेलने की पुष्टि नहीं की। गंभीर से पूछा गया कि क्या भारतीय कप्तान रोहित शर्मा पांचवा टेस्ट खेलेंगे? तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि प्लेइंग XI का फैसला वह टॉस के दौरान पिच देखकर करेंगे।
शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू में कहा, "अगर मैं रोहित शर्मा के आस-पास होता, तो मैं उससे कहता कि जाओ और धमाका करो। मैदान पर जाओ और धमाका करो। अभी, जिस तरह से वह खेल रहा है, वह बहुत अच्छा नहीं लग रहा है। उसे विपक्षी टीम पर आक्रमण करना होगा और देखना होगा कि क्या होता है।"
शास्त्री ने आगे कहा, "वह अपने करियर पर फैसला लेंगे, लेकिन अगर वह संन्यास लेते हैं तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा, क्योंकि उनकी उम्र अब कम नहीं रह गई है। शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी इंतजार कर रहे हैं, जिनका औसत 2024 में 40 से अधिक है। उस क्वालिटी वाले खिलाड़ी को बेंच पर बैठे देखना आपको आश्चर्यचकित करता है। इसलिए मुझे आश्चर्य नहीं होगा, लेकिन यह अंततः उनका निर्णय है। अगर भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए क्वालीफाई करता है, तो यह एक अलग कहानी है। अन्यथा, यह उनके लिए शानदार प्रदर्शन करने का सही समय हो सकता है।"

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