धमतरी
जिले के मेघा गांव में महानदी पर पुल टूटने के बाद वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया. इसके चलते स्टेट हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई है. बता दें कि मेघा महानदी पुल दो महीने पहले टूटा है. इसके बाद इस मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई है. इसके कारण राजिम, मगरलोड क्षेत्र के लोगों को कुरूद जाने के लिए कई किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा.
बता दें कि नब्बे के दशक में तत्कालीन विधायक स्व. दीपा साहू के प्रयास से महानदी पर मेघा पुल का निर्माण कराया गया था. इस पुल के बनने से मगरलोड, नगरी, गरियाबंद क्षेत्र में कुरुद की कन्केक्टिविटी बढ़ी, जिससे वन क्षेत्रों में विकास की किरणें जगने लगी थी, लेकिन रेत माफियाओं ने क्षेत्र की इस अनमोल धरोहर को भी नहीं छोड़ा. गाड़ाडीह और मेघा के बीच महानदी पर बने पुल के तीन पिल्लर गिर गए, नीचे का सपोर्ट खत्म हो जाने से पुल में दरार आ गई है. अब यह पुल धंसता और टूटता जा रहा है.

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