हिमाचल
हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) कार्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रीजनल पीएफ कमिश्नर एनफोर्समैंट ऑफिसर और कंसल्टैंट को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर एक फर्म के पीएफ मामले को निपटाने के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। उक्त आरोपियों ने शिकायतकर्ता की फर्म के पीएफ मामले में अड़चन डालते हुए पैसे न देने पर भारी जुर्माने की धमकी दी। मजबूर होकर फर्म मालिक ने सीबीआई को इसकी शिकायत दी, जिसके बाद एजैंसी ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
पुख्ता सबूतों के बाद की गिरफ्तारी
बता दें कि सीबीआई ने 24 नवम्बर को एनफोर्समैंट ऑफिसर मदन लाल और कंसल्टैंट संजय कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान रीजनल कमिश्नर रवि आनंद का नाम भी सामने आया। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद आज को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। सीबीआई द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

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