श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, "आज जब हम संविधान दिवस मना रहे हैं, ऐसे में यह देखना निराशाजनक है कि हमारे देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गरिमा, जीवन, आजीविका और पूजा स्थलों पर हमला किया जा रहा है, जो संविधान द्वारा हर नागरिक के लिए समान अधिकारों और सम्मान की गारंटी का उल्लंघन है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।"
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा,"उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई हिंसा, जिसमें चार निर्दोष लोगों की जान चली गई, इस कड़वी सच्चाई की दर्दनाक याद दिलाती है। मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने का यह चलन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जारी है कि सभी धार्मिक स्थलों पर 1947 जैसी ही स्थिति बनी रहनी चाहिए।"
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, "जब तक हम जो भारत के विचार में विश्वास करते हैं, इन मूल्यों की रक्षा के लिए नहीं उठ खड़े होते, तब तक हमारे राष्ट्र के सामने अपनी विशिष्ट पहचान खोने और अपने पड़ोसियों से अलग न रह जाने का खतरा बना रहेगा।" वहीं, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान दिवस पर संविधान निर्माताओं के योगदान को याद किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "संविधान दिवस की शुभकामनाएं। हमारे संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं सभी से संविधान की पवित्रता को बनाए रखने और सामाजिक न्याय, समानता के सिद्धांतों को और मजबूत करने और समाज की शांति प्रगति के लिए खुद को समर्पित करने की अपील करता हूं।" ज्ञात हो कि संविधान के 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी ने संविधान की ऐतिहासिक यात्रा और गौरवशाली विरासत का सम्मान करने के लिए एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया है।

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