सिंगरौली
खनन परियोजनाओं से प्रभावित सिंगरौली जिले के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन अंतर्गत जल संरक्षण एवं प्रबंधन एक अनिवार्य आवश्यकता है। चूंकि वर्षा जल हर समय उपलब्ध नहीं रहता इसलिए जल की कमी को पूरा करने के लिए जल के संरक्षण के साथ जल की हानि, उपयोग या अपव्यय में वास्तविक रूप से कमी लाने के साथ-साथ जल की गुणवत्ता को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है जिसके लिए आमजन जागरूकता भी महत्वपूर्ण पहलू है।
इसी के मद्देनजर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जिला मुख्यालय में स्थापित जल शक्ति केंद्र एवं मनरेगा योजना के माध्यम से जिले अंतर्गत जल के विभिन्न आयाम , चुनौतियां, सभी को स्वच्छ जल की उपलब्धता के साथ सतत जल प्रबंधन और संरक्षण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका शुभारंभ 16 नवंबर को जिला पंचायत सभागार में प्रातः 11:00 बजे से किया जाएगा। इसके साथ ही 17 नवंबर को जनपद पंचायत देवसर में तथा 18 नवंबर को जनपद पंचायत चितरंगी में कार्यक्रम उपरांत चिन्हित ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस जल संवाद कार्यक्रम में जल प्रहरी एवं वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े जी एवं उनकी टीम द्वारा जल संवर्धन एवं संरक्षण के विषय पर प्रकाश डाला जाएगा साथ ही विभिन्न विभाग के अधिकारियों/कर्मचारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य , ग्राम पंचायत सरपंच, सब इंजीनियर, मनरेगा अंतर्गत सी.एफ.पी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विशेषज्ञ एवं आम जनमानस द्वारा जन भागीदारी से जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा कर जन जागरूकता चलाया जाएगा।

More Stories
मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
तकनीकी नवाचारों से कृषि में नई ऊंचाई: प्रदेश ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, बोले मंत्री वर्मा