रायपुर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया जनजातिय गौरव दिवस के अवसर पर 13 नवंबर को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पदयात्रा करेंगे. इस कार्यक्रम में जनजाती से जुड़े विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा. पदयात्रा मेंCM साय समेत अन्य कैबिनेट मंत्री भी और करीब 10,000 से अधिक माई भारत (My Bharat) के यूथ वॉलिंटियर्स शामिल होंगे. उन्होंने एक वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने सभी युवाओं को इस पदयात्रा में शामिल होकर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) पर उन्हें नमन करें और जनजाती समुदाय के गौरव को और करीब से जानने की अपील की है.
जानिए कौन थे भगवान बिरसा मुंडा
बिरसा मुंडा (15 नवम्बर 1875 – 9 जून 1900) एक भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोक नायक थे. उन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी (अब झारखंड) में हुए एक आदिवासी धार्मिक सहस्राब्दी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए. उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजातीय समुदाय को एकजुट किया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और महज 25 साल की उम्र में वे शहीद हो गए. इसके बाद से ही उन्हें भारत के आदिवासी भगवान मानने लगे. उन्हें ‘धरतीबा’ के नाम से भी जाना जाता है.इसलिए उनकी जयंति को देशभर में जनजातीय दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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