नईदिल्ली
देश में जनधन खातों (Jan Dhan Accounts) की संख्या 50 करोड़ के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए सराहना की. पीएम मोदी ने मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह देखकर खुशी हुई कि इन 50 करोड़ जनधन खातों में से आधे से अधिक महिलाओं के हैं.
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया था कि देश में जनधन खातों की कुल संख्या 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है, जिनमें से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इनमें से लगभग 67 फीसदी खाते ग्रामीण और सेमी-अर्बन क्षेत्रों में खोले गए हैं.
महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- 'यह देखकर खुशी हो रही है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं. 67 फीसदी खाते ग्रामीण और सेमी-अर्बन क्षेत्रों में खोले गए हैं. हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि इनका लाभ मिले. वित्तीय समावेशन हमारे देश के हर कोने तक पहुंचे.'
इतने करोड़ रुपये हैं जमा
वित्त मंत्रालय ने कहा कि जन धन खातों में कुल जमा राशि 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. जबकि इन खातों से लगभग 34 करोड़ रुपे कार्ड मुफ्त में जारी किए गए हैं. मोदी सरकार ने 2014 में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए जन धन बैंक खाते खोलने के लिए बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी कवायद शुरू की. इसका मकसद सीधा लाभ सहित कई वित्तीय सेवाओं को आसानी से गरीबों तक पहुंचाना था.
मिलती हैं ये सुविधाएं
हर परिवार के दो सदस्य जीरो बैलेंस में जनधन खाता खोल सकते हैं. जनधन खाता योजना के जरिए हर परिवार को बैंकिंग सुविधा देने का काम किया गया. जन धन खाते में पैसे जमा करने या निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगता. इन खातों में बिना किसी चार्ज के फंड ट्रांसफर होता है और बिना किसी शुल्क के मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी मिलती है.
जन धन खाते के प्रमुख फायदे
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक Jan Dhan Accounts सहित सभी बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट होल्डर्स को कोई मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है. इस योजना के तहत सरकार बेहद सस्ते दरों पर लोगों को विभिन्न फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज उपलब्ध कराती है. इस योजना के तहत सरकार बेहद सस्ते दरों पर लोगों को विभिन्न फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज उपलब्ध कराती है. इतना ही नहीं जनधन खाताधारकों को स्कॉलरशिप, सब्सिडी, पेंशन और कोविड राहत फंड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में मिलती है.
कौन खुलवा सकता है खाता?
इस योजना के तहत देश का कोई भी ऐसा व्यक्ति अकाउंट खुलवा सकता है जिसका अभी किसी बैंक में खाता नहीं है. 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग भी इस योजना के तहत अकाउंट खुलवा सकते हैं. अगर आपका अभी किसी भी बैंक में कोई अकाउंट नहीं है तो https://pmjdy.gov.in/home से अंग्रेजी या हिंदी में उपलब्ध फॉर्म को डाउनलोड कर लीजिए. अब आधार कार्ड वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड, पासपोर्ट और पैन जैसे डॉक्युमेंट्स के साथ किसी भी बैंक की निकटतम शाखा में जाइए. अब भरे हुए फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स की मदद से जनधन खाता खुलवा सकते हैं.

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