न्यूयॉर्क
पिछले 2-3 सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। कंटेंट लिखने से लेकर कॉलेज प्रोजेक्ट लिखने तक में ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अब एक नया दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दावा कोई और नहीं बल्कि चैटजीपीटी की डेवलपर कंपनी OpenAI ने किया है।
क्या है OpenAI का दावा
ओपनएआई ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि साइबर अपराधी अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने के लिए फर्जी कंटेंट बनाने के लिए चैटजीपीटी का दुरुपयोग कर रहे हैं। जिसमें लंबे-चौड़े आर्टिकल और सोशल मीडिया कमेंट्स शामिल हैं, जिनका उद्देश्य चुनावों को प्रभावित करना है। कंपनी ने कहा कि ये एआई-जनरेटेड मैसेज असली न्यूज जैसे लग सकते हैं, जिससे आम नागरिक के लिए सच और झूठ में अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
AI से तैयार किया जा रहा फेक सोशल मीडिया कंटेंट
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाकर, साइबर अपराधी, फर्जी न्यूज आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट और यहां तक कि मतदाताओं को गुमराह करने के लिए डिजाइन की गई धोखाधड़ी वाले कैंपेन कंटेंट भी बना सकते हैं।
कंपनी ने कहा कि ओपनएआई ने इस साल चैटजीपीटी का दुरुपयोग करके प्रभाव संचालन के लिए 20 से अधिक प्रयासों को विफल किया है। अगस्त में, कंपनी ने चुनाव से संबंधित आर्टिकल बनाने वाले अकाउंट को ब्लॉक कर दिया। इसके अलावा जुलाई में, रवांडा के अकाउंट को उस देश के चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया कमेंट्स बनाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

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