नई दिल्ली
भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी सरकार के एक आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में देश में धार्मिक स्वतंत्रता में गिरावट की बात कही गई है। रिपोर्ट में वरिष्ठ नीति विश्लेषक सेमा हसन ने लिखा है कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों पर हिंसक हमले होते हैं। इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पलटवार किया है।
मीडिया से बात करते हुए नकवी ने इसे बैशिंग ब्रिगेड (भारत को कोसने वाले लोग) का काम बताया है। उन्होंने कहा, “बैशिंग ब्रिगेड समय-समय पर हमारे देश के अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों के बारे में नकली और मनगढ़ंत रिपोर्ट पेश करती है। ये रिपोर्ट जमीनी हकीकत से काफी दूर होती हैं और अधिकतर काल्पनिक होती हैं। पिछले एक दशक में, हर छह महीने या साल के अंतराल पर इसी तरह की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। चाहे भारत बैशिंग ब्रिगेड के सदस्य हों या कोई और, ये लोग भारत के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार में लगे रहते हैं। उनकी समस्या यह है कि वे इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि वैश्विक संकटों के बीच भारत स्थिरता के साथ कैसे आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा, “भारत की नेतृत्व क्षमता के साथ देश सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूती से कैसे विकसित कर रहा है, ये सब चीज़ें उन्हें हजम नहीं हो रही हैं। इसलिए वे पूरी दुनिया में भारत की छवि को खराब करने के लिए षड्यंत्र और साजिश करते रहते हैं। लेकिन यह भी सच है कि उनकी हर साजिश समय-समय पर बेनकाब होती रही है।”
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत पर खुशी जताते हुए नकवी ने कहा, “यह इंटर्नशिप योजना गेमचेंजर है। यह योजना देश में रोजगार के अवसरों को दिन दूना, रात चौगुना बढ़ाएगी। साथ ही यह योजना नौजवानों में विश्वास भी पैदा करेगी।

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