देहरादून
उत्तराखंड की धामी सरकार के कार्यकाल में दो नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत ने प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुधार की आस जगी है। मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत के साथ-साथ 200 सीटें भी बढ़ाई गई हैं। सरकार के इस फैसले से छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश में युवा चिकित्सकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। भाजपा विधायक विनोद चमोली ने दावा किया कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल सीटों के बढ़ने से प्रदेश को युवा चिकित्सक मिलेंगे, जिससे चिकित्सकों की कमी में सुधार होगा।
पत्रकारों से बात करते हुए शुक्रवार को चमोली ने कहा कि देश भर में यह टारगेट लिया गया है कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। जब हम मेडिकल सीटें बढ़ा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि अधिक डॉक्टर उपलब्ध होंगे। वर्तमान में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो समस्याएं आ रही हैं, उनकी मुख्य वजह यह है कि हमारे पास पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं। यदि मेडिकल कॉलेजों से अधिक डॉक्टर निकलेंगे, तो यह समस्या धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से जो चिकित्सकों की कमी की समस्या थी, उसे दूर करने के लिए सरकार तेजी से कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में युवा चिकित्सक चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देकर लोगों के जीवन में सुधार लाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि हेल्थ सेक्टर में बड़े स्तर पर काम हो रहा है और यह हमारे प्रदेश के लिए एक वरदान साबित होगा। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और बढ़ती मेडिकल सीटों के साथ, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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