शिमला
शिमला मस्जिद विवाद मामले में नया मोड़ आ गया है। मुस्लिम पक्ष विवादित मस्जिद का अवैध हिस्सा तोड़ने को राजी हो गया है। मुस्लिम पैनल ने नगर निगम से अवैध हिस्से को सील करने को कहा है। पैनल ने कहा कि वह खुद ही उस हिस्से को गिरा देगा। मस्जिद समिति के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को शिमला नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र कुमार अत्री को इस बारे में एक ज्ञापन सौंप दिया। साथ ही नगर निगम से संजौली में इमारत के अनधिकृत हिस्से को सील करने की गुजारिश की। मुस्लिम पक्ष ने यह भी कहा कि वे खुद उस हिस्से को गिरा देंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब स्थानीय लोग शिमला के संजौली इलाके में बनी मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने की मांग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर बुधवार को काफी हंगामा देखा गया था। 'जय श्री राम' और 'हिंदू एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जमा होकर प्रशासन की चेतावनियों और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए संजौली बाजार की ओर कूच किया था। आखिरकार बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ इलाके में पहुंची थी।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए बैरिकेड तोड़ दिए थे और पथराव किया था। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और लाठीचार्ज किया था। इस घटना में पुलिस और महिलाओं समेत करीब 10 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए हिंदू जागरण मंच के सचिव कमल गौतम सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया था। प्रदर्शन इतना उग्र था कि झड़प के कारण संजौली, ढली और आस-पास के इलाकों के छात्र स्कूलों में ही काफी देर तक फंसे रह गए थे।
प्रदर्शन की जानकारी होने के बावजूद स्कूलों को बंद रखने का आदेश नहीं जारी करने पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गुस्सा भी जाहिर किया था। हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि उन्होंने इस मसले पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी प्रभारी राजीव शुक्ला से बात की है। दोनों नेता कानून व्यवस्था कायम बिगड़ने ना पाए इसको लेकर चिंतित हैं। सूबे की सरकार भी इसको लेकर गंभीर है। राज्य सरकार सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर बनाए हुए है

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