मथुरा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास नई बस्ती में रेलवे की भूमि कब्जा करने वालों के घर पर चल रहे जेसीबी अभियान को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है। शीर्ष अदालत ने इस पर 10 दिनों के लिए रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई अब एक हफ्ते बाद की जाएगी। 14 अगस्त को रेलवे लाइन पर अतिक्रमण करने वाले मकानों पर जेसीबी चली थी। 75 घर तोड़ दिए गए थे। इस विध्वंस अभियान को रोकने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। साथ ही यूपी सरकार और रेलवे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल मथुरा वृंदावन रेल लाइन को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदलने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए रेलवे अपनी जमीन पर मकान बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से लेकर अमरनाथ विद्या आश्रम तक करीब दो सौ मकान रेलवे लाइन के दोनों तरफ बने हैं। रेलवे का कहना है कि ये मकान उसकी जमीन का अतिक्रमण कर बनाए गए हैं।
रेलवे ने जून में दिया था नोटिस
उत्तर मध्य रेलवे के डिवीजनल वर्क इंजीनियर नितिन गर्ग का कहना था कि अतिक्रमण करने वालों को इस साल जून में नोटिस दिया गया था। मकान खाली करने के लिए एक महीने का समय देने के बावजूद ये लोग यहीं पर रह रहे थे। समय बीत जाने के बाद अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया गया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले लोगों का कहना है कि वे 100 साल से भी ज्यादा समय से वहां रह रहे हैं।

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