नई दिल्ली
पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 50.09 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं और इन खातों में जमा राशि बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य उन परिवारों के लिए शून्य रुपये की न्यूनतम जमा राशि वाले बैंक खाते खोलना था, जो अभी तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित थे।
वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने कहा कि अगस्त, 2023 तक पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 33.98 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए। यह आंकड़ा मार्च 2015 के अंत में 13 करोड़ था। जोशी ने कहा, “वर्तमान में देश में 225 करोड़ बैंक खाते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कई लोगों के पास एक से अधिक बैंक खाते हैं। कुल मिलाकर खाता खोलने के मामले में, हम पूर्णता के करीब हैं।”
उन्होंने कहा कि जनधन योजना के तहत अगस्त 2023 तक शून्य राशि वाले खाते, कुल खातों के मुकाबले आठ फीसद थे। यह आंकड़ा मार्च 2015 में 58 फीसद था। जनधन योजना के नौ साल पूरे होने से पहले जोशी ने कहा, “हमने अगस्त में 50 करोड़ खाता खोलने का आंकड़ा सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। हर साल औसतन 2.5-3 करोड़ जेडीवाई खाते खोले गए हैं।”
औसत जमा राशि 4,063 रुपये हुई
जनधन खातों में औसत जमा राशि मार्च 2015 के 1,065 रुपये से बढ़कर अगस्त 2023 में 4,063 रुपये हो गई है, जो 3.8 गुना की वृद्धि है। जनधन खाताधारकों में 56 फीसद महिलाएं हैं और कुल खातों में 67 फीसद खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं।

More Stories
पंजाब विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, स्पीकर को दी अहम सलाह
मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार सहमा: सेंसेक्स 1,097 अंक गिरकर बंद, बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली
डिफेंडर जैसा लुक, Thar और Jimny को टक्कर देने आ रही Mini Duster