भोपाल
मंत्रालय, सतपुड़ा-विंध्याचल सहित प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को 3.5 लाख कर्मचारी एक साथ सामूहिक अवकाश पर रहे। इसके चलते इन कार्यालयों में होने वाले सभी तरह के कामकाज ठप्प रहे और सेवाएं प्रभावित रही। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा और 6 संगठनों के संयुक्त फोरम की ओर से 39 सूत्रीय मांगोें को लेकर यह प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है।
चार साल बाद प्रदेश के कर्मचारियों का यह सबसे बड़ा आंदोलन है। इससे पहले संयुक्त मोर्चा ने ही ऐसी हड़ताल की थी। कर्मचारियों के इस सामूहिक आंदोलन के चलते मकान, प्लाट और दुकान की रजिस्ट्री का काम नहीं हो सका। कलेक्टर, तहसील, एसडीएम कार्यालय में नक्शे, खसरे, नामांतरण, बंटवारे सहित अन्य काम प्रभावित हुए। आयुक्त कोष एवं लेखा विभागों के अधीन किसी भी प्रकार के बिल न लगे न पास हुए।

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