February 19, 2026

15 दिन प्रेमी, तो 15 दिन पति के साथ…विवाहिता का प्रस्ताव सुन सन्न रह गई पंचायत

रामपुर। उत्तरप्रदेश के रामपुर जिले के एक गांव से ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। यहां एक विवाहिता ने पंचायत में खड़े होकर ऐसा प्रस्ताव रखा जिस प्रस्ताव को सुनकर सभी के सिर चकरा गए। महिला ने साफ कहा कि वह महीने में 15 दिन अपने पति के साथ और 15 दिन अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है। पति और प्रेमी के बीच अजीबो-गरीब समझौते का प्रस्ताव सुनते ही पंचायत में मौजूद लोग सन्न रह गए। बताते हैं कि यह महिला अब तक 10 बार अपने प्रेमी संग भाग चुकी है।

जानकारी के मुताबिक, युवती की शादी करीब डेढ़ साल पहले पड़ोसी गांव के एक युवक के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसका टांडा क्षेत्र के एक युवक से प्रेम संबंध शुरू हो गया। युवती पहली बार अपने प्रेमी के साथ करीब एक साल पहले घर से भागी थी। तब पंचायत बैठी और विवाहिता को पति के घर वापस भेज दिया गया। लेकिन इसके बाद भी महिला अपने प्रेमी के प्रेमजाल से निकल नहीं सकी।

बीते एक वर्ष में महिला कुल 9 बार अपने प्रेमी संग भागी थी। हर बार पंचायत या पुलिस की मदद से महिला को वापस लाया गया। आठ दिन पहले महिला 10वीं बार घर से गायब हो गई। परेशान पति ने थाने में गुहार लगाई। थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर महिला को उसके प्रेमी के घर से बरामद कर पति को सौंप दिया। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से विवाहिता पति के घर केवल एक रात ही रुकी और अगली सुबह फिर प्रेमी के पास पहुंच गई।
पति जब अपनी पत्नी को समझाने के लिए प्रेमी के घर पहुंचा, तब वहां पंचायत बैठी। पंचायत में पति ने हाथ जोडक़र पत्नी से घर चलने की गुहार लगाई, लेकिन महिला ने सबके सामने ‘अनोखा प्रस्ताव’ रख दिया। महिला ने कहा कि मैं दोनों के साथ रहना चाहती हूं। महीने के 15 दिन पति के घर और 15 दिन प्रेमी के घर बिताऊंगी। महिला का यह बयान सुनकर पंचायत में हडक़ंप मच गया। इसके बाद पति ने निराश होकर हाथ जोडक़र कहा कि मुझे माफ करो, अब तुम अपने प्रेमी के साथ ही रहो।

महिला का यह प्रस्ताव और पति का जवाब पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा मामला पहली बार देखा है। आमतौर पर पंचायतें पति-पत्नी के बीच सुलह या अलगाव का रास्ता निकालती हैं, लेकिन इस तरह का ‘15-15 दिन का फार्मूला’ आज तक किसी ने नहीं सुना।