नई दिल्ली। दक्षिण एशिया के सबसे घातक हथियारों में शुमार ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में खूब तबाही मचाई थी। अब इसी मिसाइल को दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया ने खरीदने का फैसला किया है। करीब 45 करोड़ डॉलर की इस डील से इंडोनेशिया न केवल अपनी नौसेना को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने में भी सक्षम होगा। यह डील भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। बता दें कि भारत ने कुछ साल पहले फिलीपींस के साथ करीब 3,500 करोड़ रुपए का ब्रह्मोस मिसाइल सौदा किया था।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि वार्ता की करीब सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अब केवल रूसी पक्ष से अंतिम स्वीकृति का इंतजार है, जिसके बाद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जा सकेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच यह सौदा लंबे समय से चर्चा में है। इस साल जनवरी में इंडोनेशिया के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत हुई थी। भारत पहले ही ब्रह्मोस मिसाइलों की बिक्री फिलीपींस को कर चुका है और अब इस अनोखी हथियार प्रणाली के लिए नए बाजार तलाश रहा है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक हाल ही में भारत के सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इंडोनेशिया का दौरा किया था। उनका यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक है। इससे पहले, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की जनवरी में हुई भारत यात्रा ने भी दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई दिशा दी थी।
क्या खासियत है ब्रह्मोस मिसाइल में
ब्रह्मोस का नाम भारत की ब्रह्मपुत्रा नदी और रूस की मॉस्को नदी से लिया गया है। यह मिसाइल भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और रूस की एनपीओ के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई है। 1998 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मकसद था एक ऐसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाना जो दुश्मन के जहाजों और जमीन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दे। रूस की पी-800 ओनिक्स मिसाइल पर आधारित यह हथियार 2005 से भारतीय सेनाओं में शामिल हो चुका है। ब्रह्मोस की खासियत है कि यह जमीन, समुद्र, हवा और पनडुब्बी से लॉन्च की जा सकती है। इसका वजन 3,000 किलोग्राम है, इसकी लंबाई 8.2 मीटर और व्यास 0.67 मीटर है। यह 300 किलोग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड ले जाती है, जो दुश्मन के कवच को चीर सकती है। इसकी फायर एंड फॉरगेट तकनीक- एक बार लॉन्च होने के बाद यह खुद ही टारगेट पर पहुंच जाती है, बिना किसी अतिरिक्त मार्गदर्शन के।

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