रायपुर
व्यक्तिगत दस्तावेजों का दुरूपयोग कर बैंकों में खाता खोलकर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपयों का लेन-देन करने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी सहित 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से नगद 14,44,000 रुपये, 21 मोबाइल फोन, 5 पासबुक, 12 एटीएम कार्ड, 12 चेक बुक, 3 लैपटॉप, 2 कम्प्यूटर सिस्टम एवं 3 डायरी जब्त किया गया है। इनकी कुल कीमत 22 लाख रुपये है।
इन आरोपियों ने बकायदा पण्डरी मोवा में बर्न ब्लैक नामक ऑफिस खोला हुआ था और ये लोगों को लोन दिलाने सहित कई लुभावने स्कीम बताकर उनसे उनके व्यक्तिगत दस्तावेज लेकर बिना जानकारी दिए उनके व्यक्तिगत दस्तावेज एवं नाम का उपयोग कर बैंकों में खाता खुलवाते थे और उन बैंक खाताओं का पासबुक, चेकबुक एवं एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते और बैंक खाता में अपने व्यक्तियों के मोबाईल नम्बर जोड़ देते थे। इसके जरिए बैंक खातों में अवैध तरीके से सट्टे के करोड़ों रुपयों का लेन-देन करते थे। खमतराई पुलिस ने धारा 420, 34 भादवि एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 एवं 8 का मामला दर्ज करते हुए उक्त मामले का खुलासा किया।
त्रिमूर्ति नगर निवासी अरूण जाल ने थाना खमतराई में रिपोर्ट दर्ज कराया था और बताया कि पेशे से वेल्डर अरूण की पत्नी संगीता जाल, रजत अग्रवाल के घर में एक साल पूर्व काम करती थी और इसी वजह से रजत अग्रवाल से पहचान हुई थी। रजत अग्रवाल से करीबन 2 माह पूर्व वॉल्टियर गेट डीआरएम ऑफिस के पास मुलाकात कर बोला कि उसे अर्जेन्ट में बैंक खाता की जरूरत है जिसमें कुछ दिन लेन-देन करने के बाद वह उसे वापस कर देगा।
अरुण ने उस पर विश्वास कर उसके बताए अनुसार अपना पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट साईज फोटो दिया और रजत अग्रवाल एफडीएफसी बैंक ब्रांच देवेन्द्र नगर का फार्म लाकर अरूण के नाम खाता खुलवाया तथा उसकी पत्नी संगीता जाल का भी इसी प्रकार एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया और बाद में खाता का पासबुक, एटीएम कार्ड अपने पास रखा तथा खातों में मोबाइल नंबर भी रजत अग्रवाल ने डलवाया, किसका नम्बर डलवाया इस संबंध में प्रार्थी को कुछ नहीं बताया। इसी दौरान कुछ दिन बाद रजत अग्रवाल ने अरूण को उसका बैंक खाता बंद होने की जानकारी दी। जिस पर वह एचडीएफसी बैंक देवेन्द्र नगर शाखा जाकर पता किया तो बैंक मैनेजर ने उसके खाते में अत्यधिक पैसों का ट्रांजेक्शन होने से बंद करना बताया। अरुण ने रजत अग्रवाल से उक्त बैंक खातों में हुए ट्रांजक्शन के बारे में पूछा तो रजत अग्रवाल ने टाल-मटोल किया। इस पर रजत अग्रवाल के विरूद्ध थाना खमतराई में धारा 420 सा अपराध दर्ज कराया।
साईबर यूनिट खमतराई पुलिस ने अरुण, संगीता से विस्तृत पूछताछ कर रजत की पतासाजी कर पकड़ा। पूछताछ में रजत अग्रवाल द्वारा अपने साथी हिमांशु सिंह, मंटू मांझी, मदन कुमार यादव, मोहम्मद उमेर, मोहित टांक, मोहम्मद फरहान एवं उपेन्द्र दास के साथ मिलकर धोखाधड़ी स्वीकारा। पुलिस ने इन सभी को पकड़ा।

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