जगदलपुर.
नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड की मौत के 13 माह बाद नक्सलियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आनंद उर्फ कटकम सुदर्शन की मौत की जानकारी देते हुए उसके मौत से नक्सल संगठन को काफी नुकसान होने की बात कहते हुए 32 पन्नो का एक लेटर भी जारी किया है। जहां संगठन को आनंद जैसे क्रांतिकारी दोबारा नहीं मिलने की बात कही।
नक्सलियों ने अपने 32 पन्नों के जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आनंद उर्फ कटकम सुर्दशन ने तेलंगाना दंडकारण्य की सीमा पर बने गुरिल्ला बैस कैंप में अपनी अंतिम सांस ली, कटकम सुदर्शन सांस, शुगर, बीपी आदि की समस्या से जूझ रहा था। नक्सलियों के जारी इस प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 1974 में छात्र के तौर पर राडिकल छात्र संगठन की तरफ आये, कामरेड आनंद सिंगरेणी का जन्म खदान इलाके के बेल्लमपल्ली शहर के कन्नाला बस्ती में एक मजदूर परिवार में 17 मई 1956 में हुआ था। पिता सिंगरेणी खदान में फीटर के तौर पर काम कर रहे थे, आनंद के 6 बच्चे थे, सुदर्शन ने 10वीं तक की पढ़ाई बेल्लमपल्ली में की, उसी जिले के मचियाल में इंटर व बीएससी की पढ़ाई की है, उसके बाद हैदराबाद में 1974 में माइनिंग डिप्लोमा की, इसके अलावा कोल स्क्रीन प्लाट में 6 माह तक काम किया।

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