रायपुर
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ और ओडिशा के बस आपरेटरों में पिछले तीन-चार महीने से चल रहे विवाद का शनिवार को समझौते के साथ पटाक्षेप हो गया। छत्तीसगढ़ के बस आपरेटरों ने ऐलान कर दिया था कि अगर रायपुर में होने वाली बैठक में ओडिशा के बस आपरेटरों का रुख सकारात्मक नहीं रहा तो 11 जून से छत्तीसगढ़ के बस आॅपरेटर पूरी सीमा पर तैनात हो जाएंगे और ओडिशा से आने वाली किसी भी बस को घुसने नहीं देंगे। इससे दोनों राज्यों के करीब 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानी हो सकती थी, जो टल गई है।
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद अनवर अली ने बताया कि शनिवार को दोनों राज्यों के बस आपरेटरों की बैठक राजधानी के एक होटल में लगभग दो घंटे चलकर दोपहर 2 बजे खत्म हुई। इसमें छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के अध्यक्ष प्रमोद दुबे और विधिक सलाहकार शिवेश सिंह भी उपस्थित थे। अलग-अलग मुद्दों पर मंथन के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। यह तय हुआ कि शासन से जिस भी तरह का परमिट जारी किया जाएगा, बसें उसी के अनुरूप चलने दी जाएंगी और बस आॅपरेटर इसमें किसी भी तरह का व्यवधान पैदा नहीं करेंगे। लिखित समझौते के बाद छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के पदाधिकारियों ने ओडिशा से आए बस आॅपरेटरों व वहां के संघ पदाधिकारियों का सम्मान भी किया।

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