मुंबई
भारत का विदेशी ऋण जून 2023 के अंत में मामूली रूप से बढ़कर 629.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, हालांकि ऋण-जीडीपी अनुपात में गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से को जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई।
आंकड़ों के अनुसार, कर्ज में 4.7 अरब अमेरिकी डॉलर का इजाफा हुआ है। मार्च के अंत में यह 624.3 अरब अमेरिकी डॉलर था।
आरबीआई ने कहा, ‘‘जून 2023 के अंत में विदेशी ऋण और सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात घटकर 18.6 प्रतिशत हो गया, जो मार्च 2023 के अंत में 18.8 प्रतिशत था। ''
आरबीआई ने कहा कि सरकार का सामान्य बकाया कर्ज कम हुआ, जबकि गैर-सरकारी कर्ज जून 2023 के अंत में बढ़ गया।
इसके अलावा, विदेशी कर्ज में 32.9 प्रतिशत की सबसे अधिक हिस्सेदारी ऋण की रही। इसके बाद इसमें मुद्रा तथा जमा, व्यापार ऋण और अग्रिम व ऋण प्रतिभूतियों का योगदान रहा।

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