November 7, 2026

दिवाली 2027 तक सोने की कीमतों में आ सकता है 40% तक उछाल, एक्सपर्ट ने बताया नया टारगेट

मुंबई 

दिवाली पर सोना या कोई अन्य कीमती मेटल खरीदना भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि इसे निवेश और बचत से भी जोड़कर देखा जाता है. इस साल सोने की कीमतें पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि इसकी तेजी अभी थमने वाली नहीं है. अगर विशेषज्ञों के अनुमान सही साबित हुए, तो अगले एक साल में सोने की कीमत 20 से 40 फीसदी तक बढ़ सकती है. यानी दिवाली 2027 तक 10 ग्राम सोने का भाव 1.75 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकता है। 

हालांकि, सोने की कीमत रोजाना कई वजहों से बदलती है और इतने कम समय में इसका सही अनुमान लगाना आसान नहीं है. इसके बावजूद सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, सोने में निवेश बढ़ने और ब्याज दरों में संभावित कटौती जैसे वजहों से बाजार में तेजी की उम्मीद बनी हुई है. ऐसे में जो लोग दिवाली के मौके पर सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि कीमतों में आगे कितनी बढ़त की संभावना है और इस तेजी के पीछे वजहें क्या हैं। 

दिवाली 2027 तक 1.75 लाख रुपये हो सकता है सोना
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के सचिव सुरेंद्र मेहता का अनुमान है कि लंबी अवधि में यानी अगले एक साल में सोने की कीमत 30 से 40 फीसदी तक बढ़ सकती है. उनका कहना है कि कम समय में कीमतों की चाल का अनुमान लगाना मुश्किल होता है, लेकिन लंबी अवधि में सोने में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। 

वहीं, ऑगमॉन्ट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चेनानी के मुताबिक, दिवाली 2027 तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 10 ग्राम के लिए करीब 1.75 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. फिलहाल इसकी कीमत करीब 1.45 लाख रुपये है. इस हिसाब से इसमें लगभग 20 फीसदी की बढ़त का अनुमान है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत करीब 4,950 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। 

सोने की कीमतों को इन वजहों से मिल सकता है सहारा
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. पहला, दुनिया के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. तीसरी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने 321 टन सोना खरीदा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 42 फीसदी ज्यादा है. इसके अलावा, गोल्ड ETF में सोने की कुल होल्डिंग बढ़कर रिकॉर्ड 4,256 टन पर पहुंच गई है. इससे सोने की मांग को मजबूती मिल रही है। 

दूसरा कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं. जानकारों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं, तो महंगाई को काबू करने में मदद मिल सकती है. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2027 में ब्याज दरें बढ़ाने के बजाय घटाने का फैसला कर सकता है. ब्याज दरें कम होने पर डॉलर और बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कमजोर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में निवेशकों के लिए सोना ज्यादा आकर्षक बन सकता है। 

चांदी में भी तेजी की उम्मीद
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी की संभावना जताई जा रही है. बाजार में चांदी की मांग उसकी सप्लाई से ज्यादा बनी हुई है. अनुमान है कि चांदी का बाजार लगातार छठे साल घाटे में रह सकता है. यानी जितनी चांदी की जरूरत है, उतनी सप्लाई उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमतों के अनुपात से भी चांदी में आगे तेजी की गुंजाइश दिखाई देती है। 

हालांकि, सोने और चांदी में निवेश के जोखिम भी हैं. अमेरिका में महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है या फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सोने की तेजी पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, रुपये में मजबूती आने से भारत में सोने की कीमतों में बढ़त सीमित हो सकती है. चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। 

10 साल में करीब 4.77 गुना बढ़ी सोने की कीमत
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है. साल 2016 में दिवाली के आसपास दिल्ली में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 30,590 रुपये थी. 5 नवंबर 2026 तक यह बढ़कर लगभग 1,45,915 रुपये हो गई. यानी इस दौरान सोने की कीमत करीब 4.77 गुना बढ़ गई. अगर किसी ने 2016 में सोने में 1 लाख रुपये लगाए होते और निवेश बनाए रखा होता, तो उसकी कीमत अब करीब 4.77 लाख रुपये हो गई होती। 

आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में सोने की कीमत 30.6 फीसदी और 2025 में 61.5 फीसदी बढ़ी. हालांकि, बीच-बीच में कीमतों में गिरावट भी आई. साल 2021 में सोने में करीब 5.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। 

सोने में कितना निवेश करना सही?
एक्सपर्ट रेनिशा चेनानी के मुताबिक, निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियो का 15 से 20 फीसदी हिस्सा सोने में रख सकते हैं. हालांकि, एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना बेहतर हो सकता है. इसके लिए गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड का विकल्प चुना जा सकता है। 

उनकी सलाह है कि गहने पहनने और निवेश करने के मकसद को अलग रखना चाहिए. अगर दिवाली पर परिवार के लिए गहने खरीदने हैं, तो हॉलमार्क वाले गहने खरीदें. वहीं, निवेश के लिए गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड पर विचार किया जा सकता है।