भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्लॉट और घर के साथ उसके पक्के राजस्व दस्तावेज होना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि ये दस्तावेज ही भू-स्वामी को उसका मालिकाना हक दिलाने के साथ उसे अपनी सम्पत्ति के क्रय-विक्रय का अधिकार भी दिलाते हैं। सरकार ने प्रदेश के ऐसे सभी भू-स्वामियों (जिनके पास उनके प्लॉट या मकान के पट्टे तो उपलब्ध हैं, परंतु पक्की रजिस्ट्री नहीं है), इन सभी को उनकी सम्पत्ति की पक्की रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' के तहत सभी पात्रताधारियों को उनकी जमीन के पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। पक्की रजिस्ट्री के लिए लगने वाली स्टॉम्प शुल्क की राशि राज्य सरकार अपने खजाने से भरेगी। इससे प्लॉट या मकान भू-स्वामी का होगा, रजिस्ट्री भी भू-स्वामी की ही होगी, परंतु उन्हें इस पक्की रजिस्ट्री का पैसा नहीं देना होगा। यह राशि सरकार खुद वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' की अब तक की प्रगति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को इस महती योजना को एक बड़े अभियान के रूप में चलाकर जल्द से जल्द प्रदेश के सभी पात्र भू-स्वामियों के पट्टे की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपने हक की सम्पत्ति की पक्की रजिस्ट्री मिलने से भू-धारक की समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। पक्की रजिस्ट्री से भू-धारक अपनी सम्पत्ति पर ऋण आदि लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। यह योजना भू-धारकों को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाएगी। उन्होंने कहा कि पक्की रजिस्ट्री कराकर देने वाला यह अभियान आगे भी लगातार चलेगा। अगले वर्ष हम इस अभियान को 'युवा वर्ष' से भी जोड़ेंगे।
सभी मंत्री, सांसद, विधायक धनतेरस के दिन किसी गांव में जाकर वहां की शत प्रतिशत स्वामित्व की रजिस्ट्री अपने सामने पूरी करायेंगे
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' के अमल में और भी तेजी लाएं। इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक आगामी 6 नवम्बर को (धनतेरस के दिन) अपने पैतृक ग्राम या अपनी पसंद के किसी भी गांव में जाकर उस गांव की मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की शत-प्रतिशत की रजिस्ट्री खुद सामने रहकर पूर्ण करायेंगे। सभी जिला कलेक्टर्स इस संबंध में अपने प्रभारी मंत्री एवं स्थानीय मंत्रीगणों सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ आवश्यक सहयोग और समन्वय कर अपने जिले में रजिस्ट्री योजना की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही शत-प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी होने पर उस गांव में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक लघु कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि एक नवम्बर 2026 की स्थिति में प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्री (पंजीयन) पूरे कर लिए गए हैं। आगामी 15 नवम्बर तक प्रदेश में 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी कर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे, आयुक्त भू-अभिलेख सु निधि निवेदिता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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