October 30, 2026

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, ₹3100 MSP और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा; जानें टोकन कैसे मिलेगा

रायपुर
 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की आधिकारिक घोषणा हो गई है। मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में 15 नवंबर से धान खरीदी पर मुहर लगी है। धान खरीदी की घोषणा के साथ ही किसानों के चेहरे पर खुशी आ गई है। किसान लंबे समय से धान खरीदी के तारीख की इंतजार कर रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने भी धान खरीदी की तैयारी तेज कर दी है। इस बार भी किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी होगी।

360 नए धान खरीदी केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस वर्ष 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो रही है। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। नए केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और खरीदी केंद्रों पर दबाव भी कम होगा। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होगी तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।

अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र किसान सुविधाजनक तरीके से अपनी उपज बेच सके।

टोकन के लिए लंबी लाइन नहीं
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों को धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने हेतु सोसायटियों में लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार एप के माध्यम से घर बैठे धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

फोन में कर सकते हैं डाउनलोड
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से किसान 24×7 ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था से किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ ही धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी।

किस किसान को कितने टोकन
धान विक्रय के लिए किसानों की जोत के अनुसार टोकन की संख्या निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक के लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन मिलेगा। दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक के किसानों को अधिकतम दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन प्राप्त करने की सुविधा होगी। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तरह टोकन में धान की मात्रा दर्ज करने की सुविधा रहेगी। किसान अपनी आवश्यकता और उपलब्धता के अनुसार मात्रा दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि यदि किसान किसी टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेचता है, तो उसकी शेष पात्रता समाप्त नहीं होगी। वह पात्रतानुसार शेष मात्रा का धान दूसरे अथवा तीसरे टोकन के माध्यम से बेच सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को धान विक्रय के लिए अधिक सुविधा और विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार सोसायटियों के चक्कर न लगाने पड़ें और वे अपनी सुविधा के अनुसार टोकन प्राप्त कर सुगमता से धान का विक्रय कर सकें।