Vastu Upay: आजकल छोटे और कॉम्पैक्ट घरों में जगह का सही इस्तेमाल करने के लिए लोग सीढ़ियों के नीचे खाली हिस्से में अलग-अलग चीजें बनवा लेते हैं. कहीं इस जगह को किचन बना दिया जाता है तो कहीं पूजा घर या बाथरूम तैयार कर दिया जाता है. हालांकि वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के नीचे की जगह को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार यहां कुछ चीजों का निर्माण घर की ऊर्जा और सुख-शांति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
सीढ़ियों के नीचे क्या नहीं बनाना चाहिए?
वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे ऐसी जगहों का निर्माण करने से बचना चाहिए, जहां लंबे समय तक रहना, पूजा करना या आग और पानी से जुड़ा काम होता हो. खासतौर पर इन 3 चीजों को सीढ़ियों के नीचे बनाने से बचने की सलाह दी जाती है.
1. पूजा घर
सीढ़ियों के नीचे मंदिर या पूजा घर बनाना वास्तु में शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि पूजा स्थल को घर का शांत और पवित्र स्थान होना चाहिए, जबकि सीढ़ियों पर लगातार लोगों का आना-जाना होता रहता है.
इसलिए पूजा घर के लिए सीढ़ियों के नीचे की जगह चुनने के बजाय घर में अलग और साफ स्थान रखना बेहतर माना जाता है. वास्तु परंपरा में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा स्थल के लिए प्रमुख स्थान माना जाता है.
2. किचन
सीढ़ियों के नीचे रसोई या खाना बनाने की जगह बनाना भी वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता. किचन को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है और सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा भारी तथा दबाव वाला क्षेत्र माना जाता है.
खासकर गैस चूल्हा या खाना पकाने की मुख्य जगह सीढ़ियों के नीचे रखने से बचने की सलाह दी जाती है. वास्तु संबंधी कई आधुनिक गाइड भी सीढ़ियों के नीचे किचन बनाने से बचने की सलाह देते हैं.
3. बाथरूम या टॉयलेट
सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट या बाथरूम बनाना भी वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता. पानी, ड्रेनेज और सीढ़ियों के भारी ढांचे को एक ही स्थान पर रखने को लेकर वास्तु में आपत्ति बताई जाती है.
अगर घर में जगह की कमी है, तो भी बाथरूम बनाने से पहले उसके स्थान, वेंटिलेशन और ड्रेनेज की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है. वास्तु मान्यताओं में भी सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट से बचने की सलाह मिलती है.
फिर सीढ़ियों के नीचे क्या बनाया जा सकता है?
जगह का इस्तेमाल करना हो तो सीढ़ियों के नीचे सामान्य घरेलू सामान के लिए बंद स्टोरेज या उपयोगी कैबिनेट बनाया जा सकता है. इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना जरूरी माना जाता है. पुराने, टूटे-फूटे या बेकार सामान को लंबे समय तक यहां जमा करके नहीं रखना चाहिए.
जूते-चप्पल रखने के मामले में भी वास्तु विशेषज्ञों की राय एक जैसी नहीं है, इसलिए इसे घर की दिशा और पूरे लेआउट के अनुसार देखना बेहतर होता है.
सीढ़ियों की जगह को रखें साफ और रोशन
वास्तु के अलावा व्यावहारिक तौर पर भी सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा अंधेरा, नम या कबाड़ से भरा नहीं होना चाहिए. अच्छी रोशनी और पर्याप्त वेंटिलेशन इस जगह को ज्यादा उपयोगी और सुरक्षित बनाते हैं. टूटे हुए सामान या बेकार चीजें जमा करने से जगह जल्दी अव्यवस्थित हो जाती है.
वास्तु संबंधी मान्यताओं में दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा को सीढ़ियों के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व और घर के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान में सीढ़ियां बनाने से बचने की सलाह दी जाती है.

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