विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्कूटी केवल वाहन नहीं, विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का है पुरस्कार
सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर
बेटियों को अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों होते हैं सशक्त
प्रदेश में शिक्षा का बजट बढ़कर हुआ 38 हजार करोड़ रुपये
युवाओं के सामर्थ्य से साकार होगा विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार , समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।
कक्षा की सफलता से कैरियर के सपनों तक, विद्यार्थियों को सतत प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना उन विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अध्ययन कर के बीच अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। आज प्रदेश के बच्चे पढ़-लिखकर पारंपरिक व्यवसायों और खेती-किसानी में भी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थी एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार से कृषि को लाभ का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी स्पष्ट सोच की सराहना करते हुए कहा , हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि किसान और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी भी आज चार्टेड एकांटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के सपने देख रहे हैं। विद्यार्थियों की यह सोच नए और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान है। देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है।
राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दे रही है सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है।
सांदीपनि विद्यालय सुविधाओं और पढ़ाई में निजी स्कूलों को पीछे छोड़ रहें हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। हम सबने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव मनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), डिजिटल भुगतान व्यवस्था और कोविड-19 टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सहायता सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है भारत की युवा शक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश-प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, यह देश की निरंतर बेहतर होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। दुनिया के समाने बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भारतवासी पूरी तरह सक्षम हैं। राज्य सरकार युवाओं की शक्ति और प्रतिभा का सम्मान करते हुए अमृतकाल में विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
सभी स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज शासकीय स्कूलों के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिल रही है। बच्चों ने अपने अथक परिश्रम से अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। यह प्रदेशभर के अन्य स्कूली बच्चों के लिए एक प्रेरणा भी है। यह स्कूटी बच्चों के भविष्य को पंख लगाएगी और उनके सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे बच्चों के बीच किसी कार्यक्रम में आने और संवाद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी कोशिश सदैव बच्चों के चेहरे पर खुशी लाने की रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित है।
युवाओं का चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है सपना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भावी लक्ष्यों के बारे में जाना। प्रदेश की की मेरिट सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से उन्हें कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रही हैं। किसान परिवार के आकाश साहू ने एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य तैयारियां जारी हैं। रवि केवट और मरियम खान ने भी बताया कि वह भी सीए बनने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं। मिनी जैन ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्रा रानी सांपले ने उच्च शिक्षा हासिल कर वकील बनने की बात कही, जबकि खुशी यादव ने एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्र शिव कुमार कौल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

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