वाशिंगटन
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल टौंकरों को दी जाने वाली सैन्य सुरक्षा, खासकर हवाई सुरक्षा के समय को सीमित कर दिया है। यह कदम इस अहम समुद्री रास्ते पर चलने वाले जहाजों पर ईरान के हमलों में बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका मई से ही जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में ओमान के तट के पास वाले रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को हवाई सुरक्षा दे रहा था, जिससे ईरानी हमलों के बावजूद तेल की कुछ शिपमेंट आती-जाती रहीं।
इस व्यवस्था के तहत, जहाज के मालिक सबसे पहले अमेरिकी नौसेना के कोऑर्डिनेशन सेंटर से मंजूरी लेते थे। यह सेंटर जहाजों को कोऑर्डिनेट्स और गुजरने का समय बताता था, जिसके दौरान अमेरिकी विमान उन्हें सुरक्षा देते थे।
होर्मुज में टैंकरों की हवाई सुरक्षा के समय घटाया
लेकिन NCAGS द्वारा समुद्री सलाहकारों को भेजे गए ईमेल के हवाले से पता चला है कि सितंबर की शुरुआत में रात भर मिलने वाली सुरक्षा की लंबी अवधि को घटाकर हर दिन दो तय ट्रांजिट स्लॉट कर दिया गया है। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे तय समय पर अपनी यात्रा शुरू करें ताकि उन्हें अमेरिकी सेना से सबसे अच्छी सुरक्षा मिल सके।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड ने इन संदेशों को बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया और कहा कि NCAGS के संदेश खुद ही सब कुछ स्पष्ट करते हैं।
कमर्शियल जहाजों पर बढ़े ईरान के हमले
यह बदलाव तब हुआ जब कमर्शियल जहाजों पर हमले बढ़ गए। ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने पांच ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने कहा कि ये हमले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक अमेरिकी युद्धपोत पर किए गए हमलों के बाद हुए थे।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने भी दुबई और इराक के पास टैंकरों पर ईरान के और हमलों की जानकारी दी। बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 70 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

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