भोपाल
मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। इस नए प्रावधान के तहत, अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की 'परिवार पेंशन' की पात्र होंगी।
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमबी कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले हुए हैं। मीटिंग के बाद उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन
मंत्री काश्यप ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, इसीलिए तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन के दायरे में लाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। साथ ही, उन्होंने आगामी 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होने वाले बजट की तैयारियों की भी पुष्टि की।
भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह बजट 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट के इन निर्णयों से जहां एक ओर हजारों महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार हो गया है।
हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा
उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश की हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो कानूनी रूप से तलाक के बाद अपने माता-पिता पर आश्रित हैं। अब तक परिवार पेंशन के नियमों में कुछ तकनीकी सीमाओं के कारण तलाकशुदा बेटियों को इसमें शामिल नहीं किया गया था, लेकिन कैबिनेट की इस मुहर के बाद उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के एक संवेदनशील वर्ग को सुरक्षा भी प्रदान करेगा।
पेंशन नियमों में बदलाव के साथ ही कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट प्रस्तावों का भी अनुमोदन कर दिया है। सरकार का यह नया बजट आगामी 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

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