ग्वालियर
मध्य प्रदेश के एक बड़े जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खत्म होने की कगार पर है। नगर निगम ने आउटसोर्स मैनपावर की नई टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एमआईसी (Mayor-in-Council) के समक्ष रखा जाएगा।
एमआईसी की मंजूरी और परिषद से पास होने के बाद नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे निगम के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो जाएगा।
गलत गणना बनी थी विवाद की जड़
दरअसल, वर्ष 2024 में नगर निगम द्वारा आउटसोर्स मैनपावर के लिए करीब 65 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसमें सर्विस चार्ज की गणना में गंभीर त्रुटि सामने आई, जिससे निगम को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति होने की आशंका थी।
इसी कारण निगमायुक्त ने परिषद द्वारा पारित ठहराव पर पुनर्विचार का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन परिषद ने उसे अस्वीकार कर दिया। यदि उस समय कार्यादेश जारी होता, तो निगम पर 3.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता।
शासन ने किया हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2025 में निगमायुक्त ने शासन से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने 7 जनवरी को परिषद के सभी ठहरावों को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब नगर निगम को दोबारा से सही और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की अनुमति मिल गई है।

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