न्यूयार्क.
अमेरिका शनिवार की रात ईरान में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के ठिकानों पर कहर बनकर टूट पड़ा। इसे तीम अमेरिकी नागरिकों की मौत के बदले के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिका के विदेश विभाग और सेंट्रल कमांड ने वीडियो जारी कर पूरी तस्वीर दुनिया के सामने रखी है। आपको बता दें कि यह कार्रवाई "ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक" का हिस्सा है, जिसे पिछले महीने अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किया गया था।
सेंट्रल कमांड द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को बेस से उड़ान भरते और सीरिया के विभिन्न हिस्सों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो फुटेज में कई ठिकानों को हवाई हमलों में ध्वस्त होते दिखाया गया है।
पलमायरा हमले का प्रतिशोध
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि ये हमले 13 दिसंबर 2025 को पलमायरा में हुए उस हमले का जवाब हैं, जिसमें एक ISIS आतंकवादी ने घात लगाकर हमला किया था। इस दुखद घटना में आयोवा नेशनल गार्ड के दो बहादुर सैनिक, एडगर ब्रायन टोरेस-टोवार (25) और विलियम नथानिएल हॉवर्ड (29) शहीद हुए थे। एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया की भी जान गई थी। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से सीरिया में अमेरिकी बलों पर यह पहला प्राणघातक हमला था।
हम तुम्हें ढूंढ लेंगे और मार देंगे
सेंट्रल कमांड ने वीडियो के साथ जारी बयान में आतंकियों को बेहद कड़ी चेतावनी दी है। सेना ने कहा, "हमारा संदेश बहुत मजबूत है। यदि आप हमारे योद्धाओं को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे। आप न्याय से बचने के लिए कितनी भी कोशिश कर लें, सफल नहीं होंगे।"
क्या है ऑपरेशन हॉकआई
यह ऑपरेशन 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब पहले चरण में मध्य सीरिया में करीब 70 ठिकानों को नष्ट किया गया था। इस अभियान में अमेरिका के साथ जॉर्डन की सेना भी सक्रिय रूप से शामिल है। शनिवार के इन हवाई हमलों से ठीक एक दिन पहले सीरियाई सुरक्षा बलों ने 'लेवेंट' क्षेत्र में ISIS के मुख्य सैन्य कमांडर को गिरफ्तार करने का दावा किया था।
2010 के दशक के मध्य में इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर ISIS के कब्जे के बाद से ही अमेरिकी सेना वहां मौजूद है। वर्तमान में भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से खत्म करना और भविष्य के हमलों को रोकना है।

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