भोपाल5 घंटे पहले
रेलवे के चीफ कंट्रोलर संजय कटारे को ब्लैकमेल करने वाले उनके साथी चीफ कंट्रोलर निरपेंद्र सिंग गंगवार और उसकी महिला मित्र काजल तोमर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसकी भनक लगते ही निरपेंद्र फरार हो गया। गुरुवार रात पुलिस उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों पर पहुंची। आरोपी महिला के संबंध में भी फिलहाल पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
पीड़ित संजय कटारे ने बताया, 13 महीने बाद राहत की सांस ली। पूरा परिवार तनाव में था। पत्नी के समझाने पर मैं शिकायत करने को राजी हुआ। पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज किया।
पूरा मामला जानिए
संजय कटारे (52) रेलवे में चीफ कंट्रोलर हैं। वे भोपाल कंट्रोल रूम में पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 30 दिसंबर 2021 को उनके साथी चीफ कंट्रोलर निरपेंद्र ने उन्हें अपनी जन्मदिन पार्टी में बुलाया था। जब वह पार्टी में पहुंचे तो निरपेंद्र ने उनकी पहचान काजल परमार नाम की युवती से कराई। काजल एक एनजीओ में काम करती है। इसके कुछ समय बाद निरपेंद्र और काजल ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। दोनों ने धमकाया कि रेप के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। नौकरी चली जाएगी और समाज में बदनामी भी होगी। डरा धमकाकर उनसे साढ़े पांच लाख रुपए वसूल लिए।
सोचा नहीं था दोस्त इतनी बड़ी साजिश करेगा
संजय कटारे ने बताया कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा साथी, मेरा दोस्त इतनी बड़ी साजिश कर सकता है। चंद पैसों के लालच में उसने मुझे मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था। इतना डिप्रेशन में आ चुका था कि कई बार आत्महत्या करने जैसे ख्याल दिल दिमाग में आने लगे थे। मैं निर्दोष था, बदनामी से डरता था। आरोपी परिवार वालों को भी मनगढंत कहानी सुनाकर रिश्तों में दरार डलवाने की धमकी देते थे।
हिम्मत कर पत्नी को सब बता दिया
मैंने एक दिन हिम्मत की और पत्नी को पूरी बात बताई। कुछ समय बाद दोनों बेटों को भी मामले की जानकारी दी। पत्नी ने कहा कि आरोपियों की मांग कब तक पूरी करोगे। जब कुछ किया नहीं, निर्दोष हो तो आरोपियों के खिलाफ शिकायत करो। थाने जाकर उनके खिलाफ केस दर्ज कराया। इसके बाद पहली बार शिकायती आवेदन लेकर पत्नी के साथ ही गोविंदपुरा थाने गया।

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