वाशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर को लेकर दो महाशक्तियां अमेरिका और चीन आमने सामने हैं. चीन ने पहले तो इसको लेकर कड़े तेवर दिखाए लेकिन धीरे-धीरे उसके तेवरों में नरमी देखने को मिल रही है. ताजा घटनाक्रम में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने रअमेरिका से अपील की कि वह पारस्परिक टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दे.
प्रवक्ता के हवाले से कहा, "हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाए, पारस्परिक टैरिफ की गलत प्रथा को पूरी तरह से रद्द करे और आपसी सम्मान के सही रास्ते पर लौट आए." इससे पहले बीते दिन शनिवार (12 अप्रैल, 2025) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ड्स के लिए छूट की घोषणा की थी.
'टाइगर के गले में बधी घंटी कौन खोलेगा?'
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, "बाघ के गले में बंधी घंटी को केवल वही शख्स खोल सकता है जिसने उसे बांधा है." मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन से टैरिफ को लेकर अपने नजरिए को सही करने का आह्वान किया. चीन ने कहा कि वे अभी भी कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स को शुल्क से बाहर रखने के कदम का मूल्यांकन कर रहे हैं, क्योंकि देश को 90 दिन के टैरिफ स्थगन से बाहर रखे जाने के बाद भी ज्यादातर चीनी वस्तुओं पर अभी भी 145 प्रतिशत शुल्क लग रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर में यूएस-चीन आमने सामने
इससे पहले शुक्रवार (11 अप्रैल, 2025) को चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ 84 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया था, जबकि अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर कुल 145 प्रतिशत कर दिया था. साथ ही चीन ने अन्य देशों से भी ट्रंप की एकतरफावाद और आर्थिक धौंस के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और अन्य साझेदारों के साथ व्यापार के अवसरों को आगे बढ़ाने की कोशिश की है.

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