भोपाल
लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज़ परिवहन सुनिश्चित करना है। इन पहलों से यात्रा सुविधा में सुधार होगा, लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, तेल आयात में कमी आएगी और CO2( कार्बन डाइऑक्साइड) उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के लिए प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाकर लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन सुधारों से आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे त्वरित आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।
परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,658 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किया जाएगा।
परियोजनाओं के निर्माण के दौरान लगभग 379 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होगा।

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