रायपुर
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में महंगाई भत्ते को जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत बढ़ाने सहित पांच सूत्रीय मांगें शामिल हैं. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए.
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री को कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान की आवश्यकता को विस्तारपूर्वक बताया गया. भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र, जिसे “मोदी की गारंटी” के नाम से जारी किया गया था, में किए गए वादों को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया गया. फेडरेशन ने अपने आंदोलन “झन करव इनकार, हमर सुनव सरकार” के बारे में भी जानकारी दी.
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को भाजपा के घोषणा पत्र के अनुरूप केंद्र के समान देय तिथि से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाए. साथ ही जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर भविष्य निधि खाते में समायोजित किया जाए.
विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
प्रदेश के शासकीय सेवकों को चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्षों की सेवा पर प्रदान किया जाए.
मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस किया जाए.
शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करते हुए, राज्य के मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों से कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए.

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