झाबुआ
यहां से होकर गुजरने वाले दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस वे (8–लेन) पर एक–दो दिन में दो ड्रोन से पेट्रोलिंग शुरू हो जाएगी। सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच होने वाली पेट्रोलिंग में एक बार में ड्रोन दो किमी ऊंचाई पर उड़ाएंगे जो 20 किमी तक जाएगा।
इसमें 48 मेगा पिक्सल का कैमरा है जिससे 8 लेन पर कोई संदिग्ध स्थिति या पथराव करने वाले उत्पाती बदमाश खड़े हो तो आसानी से पिक्चर कैप्चर हो जाएगी। ऐसे सेंसर लगे हैं कि 20 किमी की परिधि में कोई पेड़ या तार बीच में आ जाए तो यह दो फीट पहले रुक जाएगा।
दरसअल, एक्सप्रेस वे झाबुआ जिले की 30 किमी के क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। टिमरवानी से माही नदी के बीच सालभर में छह से सात बार पथराव की घटना हो चुकी है। इसी के मद्देनजर पुलिस ने ड्रोन से पेट्रोलिंग के लिए दो हाईटेक ड्रोन बुलवाएं है।
ड्रोन को उड़ाकर चेक किया गया। एसपी पदम विलोचन शुक्ल बताते हैं यह लेटेस्ट मॉडल का ऑटो हैंडलिंग ड्रोन (dgiairs3) है। यानी जब इसकी बैटरी खत्म होने लगती है तो यह सिग्नल देने लगता है और इसे जहां से उड़ाया जाता है, वहीं वापस आ जाता है।
इसलिए पड़ी ड्रोन से पेट्रोलिंग की जरूरत
दरसअल, एक्सप्रेस वे पर फोर व्हीलर या बड़े वाहनों की स्पीड 120किमी / घंटा है। झाबुआ होकर गुजरते समय रास्ते में कई बार पथराव की घटनाएं हो जाती है। इस वजह से वाहन चालक का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में बड़ा हादसा हो जाता है। दूसरा रास्ते में बदमाश पथराव कर भाग जाते हैं। ऐसे में ड्रोन 20 किमी की परिधि में बदमाश किस दिशा में भागे हैं, उनका पहनावा क्या था आदि के फोटो कैप्चर कर लेगा। इससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में सुविधा होगी। इसकी बैटरी भी 48 मिनट तक चलती है।

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