भोपाल
मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम तथा चंबल संभाग के 16 जिलों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली बिल अब डिजिलॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गौरतलब है कि डिजि लॉकर ‘’डिजिटल इंडिया’’ के तहत भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। डिजि लॉकर उपभोक्ताओं को सार्वजनिक क्लॉउड पर सुरक्षित दस्तावेज़ एक्सेस प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है। ये डिजिटल दस्तावेज़ भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज़ हैं। इसके अलावा, "सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2016" के नियम 9 ए के तहत डिजिटल लॉकर के माध्यम से उपलब्ध जारी किए गए दस्तावेज़ों को मूल फिजिकल दस्तावेज़ों के बराबर माना जाता है।
कंपनी ने कहा है कि डिजि लॉकर मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं तक बिजली बिलों को पहुँचाकर उन्हें संग्रहित करने का एक सुरक्षित, सुविधाजनक और पेपरलेस तरीका है। उपभोक्ता इसे किसी भी एंड्राइड या आई फ़ोन से डाउनलोड कर सकते है :
बिजली बिलों तक पहुँचने के लिए डिजि लॉकर के लाभ
कंपनी ने कहा है कि डिजि लॉकर के माध्यम से एक ओर जहाँ बिजली बिलों तक पहुँचना आसान होगा, वहीं कागजी बिल के स्थान पर उपभोक्ता अपने बिलों को यहां संग्रहित भी कर सकते हैं। डिजि लॉकर एक सुरक्षित तरीका है जो बिजली बिल जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को नुकसान, क्षति, चोरी अथवा इसके खोने से बचाता है। डिजि लॉकर में संग्रहीत बिलों को आसानी से अन्य संस्थाओं जैसे, बैंक, वित्तीय संस्थान या सरकारी एजेंसियां के साथ साझा किया जा सकता है। कोई उपभोक्ता यदि अपना कागजी बिल खो देता है या उसे पिछले बिल को देखना जरूरी है, तो डिजि लॉकर द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा डुप्लिकेट बिल या नया बिल हासिल करना है तो उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार सीधे डिजि लॉकर से अपने बिजली बिल को डाउनलोड कर सकते हैं।

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