इजराइल
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया की नई सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ईरान को सीरिया में फिर से पैर जमाने दिया गया या ईरानी हथियार हिज़बुल्ला तक पहुंचाए गए, तो इज़राइल कड़ा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि इज़राइल का मकसद सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
नेतन्याहू ने कहा, "अगर सीरिया की नई सरकार ईरान को फिर से स्थापित होने देती है या ईरानी हथियार हिज़बुल्ला तक पहुंचने देती है, तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे और इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जो पिछली सरकार के साथ हुआ, वही इस नई सरकार के साथ भी हो सकता है।" नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने इज़राइली वायुसेना को सीरिया की पुरानी सरकार द्वारा छोड़ी गई सैन्य क्षमताओं पर हमला करने की अनुमति दी थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये हथियार जिहादियों के हाथ न लगें।
उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना ब्रिटिश वायुसेना के उस कदम से की, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के वीशी शासन के जहाजों पर हमला किया गया था, ताकि वे नाज़ियों के हाथ न लगें। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इज़राइल सीरिया की नई सरकार के साथ संबंध बनाने का इच्छुक है, लेकिन यह तभी संभव है जब सीरिया ईरान और हिज़बुल्ला को समर्थन देने से बचे। उन्होंने कहा, *"अगर सीरिया की नई सरकार हमारी सुरक्षा के खिलाफ कदम उठाएगी, तो हम कड़ा जवाब देंगे।"

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